हावड़ा-मुंबई मेल हादसे की प्रारंभिक जांच में खुलासा,कंट्रोल रूम से एक्शन में देरी के कारण हुई दुर्घटना
ट्रेन हादसे की अब तक की प्रारंभिक जांच में जो बात सामने आई है,उसके अनुसार कंट्रोल रूम की ओर से एक्शन में देरी होने की वजह से यह हादसा हुआ.मालगाड़ी जब पटरी से उतरी थी.उसके करीब 6 मिनट के बाद उसके ड्राइवर और सहायक लोको ड्राइवर ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी थी की ट्रेन डिरेल हो गई है.और बोगी पटरी से उतर गई है.इसके बाद भी एक्शन में काफी देरी हो गई.
रेल सेफ्टी कमिश्नर की टीम ने पाया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया.अगर समय पर इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया जाता तो 120 की स्पीड में जब ट्रेन की टक्कर होती तो हादसा की भयावता का सहज की अंदाजा लगाया जा सकता है.रेल हादसे के करीब एक 41घंटे बाद थर्ड लाइन पर रेल परिचालन सामान्य हुआ. पहले रेल ट्रैक से मलबा को हटाकर थर्ड लाइन को दुरुस्त किया गया.इसके बाद इलेक्ट्रिक से जुड़े कार्य को पूर्ण कर इंजन चलकर ट्रायल लिया गया.फिर थर्ड लाइन पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ.बुधवार की रात 8.50 में गुड्स ट्रेन को पार किया गया. इसके करीब आधा घंटा बाद रात 9.25 मैं एक पैसेंजर ट्रेन को थर्ड लाइन से पर कराया गया.वही गुरुवार को अप लाइन में भी ट्रेन परिचालन शुरू हुई.जबकि डाउन लाइन का काम चल रही है.