चौकीदार बहाली में देरी से अभ्यर्थियों में आक्रोश, संघर्ष मोर्चा का गठन; 30 सितंबर के बाद आंदोलन की चेतावनी

सरायकेला-खरसावां। जिले में वर्ष 2024 में निकाली गई चौकीदार बहाली प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर ‘चौकीदार बहाली संघर्ष मोर्चा’ का गठन किया है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 सितंबर को झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में होने वाली सुनवाई में कोई ठोस निर्णय नहीं आता है, तो अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

गौरतलब है कि सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2024 में चौकीदार के 357 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस बहाली प्रक्रिया के तहत जिलेभर से 15 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मामला उच्च न्यायालय में लंबित रहने के कारण नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि झारखंड के अन्य जिलों में पुराने अवैतनिक चौकीदारों को लिखित परीक्षा एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा में दो अतिरिक्त अंक देने के प्रावधान के तहत बहाली प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले में पुराने अवैतनिक चौकीदारों की सीधी नियुक्ति की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इसके कारण नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से बाधित है।
मोर्चा के अनुसार, मामले में लगातार अगली तारीखें मिल रही हैं, लेकिन अब तक मुख्य सुनवाई और अंतिम निस्तारण नहीं हो पाया है। इससे बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हजारों युवाओं में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
चौकीदार बहाली संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांग है कि अन्य जिलों की तर्ज पर सरायकेला-खरसावां जिले में भी मामले की शीघ्र सुनवाई कर उसका जल्द निष्पादन किया जाए और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में यदि कोई ठोस फैसला नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने हक और भविष्य की लड़ाई के लिए आंदोलन तेज करेंगे। मोर्चा ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से भी मामले में आवश्यक पहल कर बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की
मांग की है।



