खरसावां के अधूरे 500 बेड अस्पताल को लेकर सांसद ने उठाई आवाज, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया आश्वासन
खरसावां के आमदा में 500 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य पिछले 11 वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2014 तक इस अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाना था, लेकिन यह अब भी खंडहर के रूप में खड़ा है। इस मुद्दे को लेकर अब सांसद कालीचरण मुंडा ने सक्रिय पहल की है।


शनिवार को सांसद कालीचरण मुंडा ने रांची में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से इस मामले को लेकर मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को बताया कि 153.96 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ यह अस्पताल आज तक आम जनता के किसी काम नहीं आ सका है। निर्माण कार्य दो साल से ठप पड़ा है और अब अस्पताल को चालू कराने के लिए अतिरिक्त 353.04 करोड़ रुपये की जरूरत बताई जा रही है। यह पूरी राशि सरकार को प्रस्तावित की जा चुकी है।
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आश्वस्त किया कि वे स्वयं खरसावां जाएंगे और स्थल का निरीक्षण कर 11 वर्षों से अधूरे पड़े अस्पताल भवन का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने की दिशा में कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यह जनहित से जुड़ा मामला है और इसमें सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि यह अस्पताल परिसर 25 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है, और भविष्य में इसे मेडिकल कॉलेज के रूप में भी विकसित करने की योजना है। अगर यह अस्पताल जल्द शुरू होता है, तो खरसावां समेत आसपास के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

