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झीमड़ी कांड: निर्दोष ग्रामीणों की जेल से रिहाई, तरुण महतो और JLKM परिवार ने किया भव्य स्वागत

 

 

सरायकेला-खरसावां, 22 जुलाई — झीमड़ी गांव में धर्मांतरण विवाद को लेकर दर्ज झीमड़ी कांड में फंसाए गए आठ निर्दोष ग्रामीणों को सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया। करीब तीन महीने तक चली कानूनी लड़ाई के बाद रिहा हुए ग्रामीणों का JLKM पार्टी की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस मामले में JLKM पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी तरुण महतो को भी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में फंसाने की कोशिश की गई थी।

 

घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी में गांव की तीन महिलाएं — सरस्वती कुम्हार, पारु देवी और सरला महतो, और पांच पुरुष — चितरंजन महतो, सुशील मछुआ, सुधीर कर्मकार, जयचंद कुमार और वासुदेव महतो को आरोपित बनाते हुए जेल भेजा गया था। तरुण महतो ने इस दौरान भले ही गांव में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं रहे, लेकिन उन्होंने लगातार ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखा और हर स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक मदद सुनिश्चित की। अधिवक्ता सहदेव रविदास की प्रभावशाली पैरवी और तरुण महतो की पहल पर सभी आठ ग्रामीणों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर रिहा कर दिया।

 

सोमवार को जैसे ही ग्रामीण जेल से बाहर निकले, JLKM कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। सरायकेला जेल परिसर के बाहर पूर्व विधायक प्रत्याशी तरुण महतो और उनकी पत्नी भानुमति महतो खुद मौजूद थीं। दोनों ने रिहा ग्रामीणों का माला पहनाकर अभिनंदन किया और उन्हें न्याय की जीत बताया। इस अवसर पर महिला मोर्चा की जिलासचिव मीनाक्षी महतो भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने रिहा हुई महिलाओं को सम्मानित किया और उनका मनोबल बढ़ाया।

 

स्वागत कार्यक्रम में JLKM के जिला और प्रखंड स्तर के कई प्रमुख नेता भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में इस कार्रवाई को सत्ता प्रायोजित अन्याय बताते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। वहीं तरुण महतो ने कहा कि यह सिर्फ आठ लोगों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जीत है। उन्होंने कहा कि JLKM पार्टी हमेशा से अन्याय के खिलाफ लड़ती रही है और आगे भी गरीब, आदिवासी और शोषित समुदाय के साथ खड़ी रहेगी।

 

झीमड़ी कांड को लेकर अब क्षेत्रीय राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। JLKM ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है और प्रशासन पर निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से इस मुद्दे को आगामी चुनावों में भी उठाने की तैयारी है।

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