जमशेदपुर में 14 सितंबर को चम्पाई सोरेन के नेतृत्व में लगेगा ‘आदिवासी महा दरबार’
संवैधानिक अधिकारों व सामाजिक सरोकारों पर मंथन के लिए जुटेंगे समाज के बुद्धिजीवी


जमशेदपुर, 10 सितंबर 2025:
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के नेतृत्व में आगामी 14 सितंबर को जमशेदपुर के एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में “आदिवासी महा दरबार” का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, परंपराओं, सामाजिक सरोकारों और एकजुटता को लेकर व्यापक मंथन का मंच बनेगा।
यह आयोजन “आदिवासी सांवता सुशार अखाड़ा” के बैनर तले आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम के लिए तैयारियां जोरों पर हैं और निमंत्रण पत्र समाज के विभिन्न हिस्सों में वितरित किए जा चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने बताया कि यह महा दरबार आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होगा। विशेष रूप से पेसा कानून, सीएनटी-एसपीटी एक्ट, भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, तथा आदिवासी सामाजिक संरचना से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
चंपाई सोरेन ने कहा, “भारत में अंग्रेजों के खिलाफ पहला संघर्ष करने वाले बाबा तिलका मांझी, वीर सिदो-कान्हू, वीर पोटो हो, भगवान बिरसा मुंडा, वीर टाना भगत और वीर तेलंगा खड़िया जैसे महान आदिवासी नेताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। हमें सीएनटी-एसपीटी एक्ट और पेसा अधिनियम जैसे अधिकार मिले, परंतु आज भी हमारी जमीनें लूटी जा रही हैं और हमें संघर्ष करना पड़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “झारखंड समेत अन्य राज्यों में आदिवासी आबादी घटती जा रही है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। इस महा दरबार में हम समाज के बुद्धिजीवियों, मार्गदर्शकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करेंगे।”
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के प्रसिद्ध वकील, कानूनी विशेषज्ञ, प्रोफेशनल्स, समाजसेवी तथा देश परगना, मांझी परगना, पाहन, मानकी मुंडा, पड़हा राजा सहित पारंपरिक नेतृत्व से जुड़े कई अगुआ शामिल होंगे।

