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हेंसालोंग और रायबासा में 11 घंटे तक थमा रेल परिचालन, लिखित आश्वासन पर कुड़मी रेल टेका समाप्त

 

 

ईचागढ़/गम्हरिया : आदिवासी दर्जा और कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को कुड़मी समाज का आहूत रेल टेका आंदोलन सरायकेला-खरसावां जिले के कई हिस्सों में जोरदार ढंग से सामने आया। सुबह करीब 7 बजे से ही नीमडीह थाना क्षेत्र के चांडिल–मुरी रेलखंड पर हेंसालोंग स्टेशन के पास ओड़िया फाटक पर सैकड़ों आंदोलनकारी रेल ट्रैक पर बैठ गए। इस दौरान बरकाकाना पैसेंजर समेत कई ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा और करीब 11 घंटे तक रेल यातायात पूरी तरह ठप रहा।

 

रेल टेका आंदोलन में दलगत भावना से ऊपर उठकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें आजसू पार्टी के केन्द्रीय महासचिव हरेलाल महतो, जेएलएमके के केन्द्रीय सचिव गोपेश महतो, तरुण महतो, विस्थापित एकता मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, समाजसेवी खगेन महतो सहित बड़ी संख्या में समुदाय के नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। मौके पर मौजूद महिला-पुरुष आंदोलनकारियों ने आदिवासी दर्जा और भाषा मान्यता की मांग पर अडिग रहते हुए रेल टेका को अनिश्चितकालीन जारी रखने की घोषणा कर दी।

 

इस दौरान प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी सह डीटीओ गीरजा शंकर महतो, एसडीपीओ अरविंद कुमार बिन्हा, रेलवे पदाधिकारी तथा भारी संख्या में जिला पुलिस व आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से कई दौर की वार्ता की, लेकिन लंबे समय तक आंदोलनकारी अपने रुख पर कायम रहे। अंततः शाम करीब 6 बजे प्रशासनिक पहल और आश्वासन के बाद हेंसालोंग में रेल टेका समाप्त किया गया।

इसी तरह गम्हरिया प्रखंड के रायबासा फाटक पर भी कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन चला। यहां शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा मजिस्ट्रेट के तौर पर मौजूद रहे। रेलवे अधिकारी तथा आंदोलनकारी राहुल महतो, आस्तिक महतो, गौतम महतो विजय महतो समेत बड़ी संख्या में लोग फाटक पर जमे रहे। कई घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा। बाद में अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने रेल टेका स्थगित कर दिया।

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