अवैध खनन के खिलाफ राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन, झारखंड को बपौती न समझें पूंजीपति : देवेंद्र नाथ महतो
रांची, 22 सितम्बर।


हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा कोल ब्लॉक में चल रहे अवैध खनन के विरोध को लेकर सोमवार को जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में विजय कुमार साहू, विनय कुमार, वैद्यनाथ राय, मुजीबुरहमान अंसारी, कमलेश कुमार सिंह और अरुण कुमार शामिल थे। इस दौरान महतो ने राज्यपाल को अवगत कराया कि गोंदलपुरा कोल ब्लॉक में मेसर्स अडानी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा लगभग 1268 एकड़ भूमि पर कोल खनन का प्रस्ताव है। इसमें 551 एकड़ रैयती भूमि, 542 एकड़ वन भूमि और 173 एकड़ गैर-मैजरुआ भूमि शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों की सहमति के अवैध खनन की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि “टाटा, बिड़ला, अडानी और अंबानी झारखंड को अपनी बपौती न समझें। यदि मनमानी बंद नहीं हुई तो उन्हें झारखंड से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।” उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों की मनमानी के कारण झारखंड के मूलवासी पलायन के लिए मजबूर हैं और अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महतो ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए निर्दोष ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक छह ग्रामीणों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन नहीं रोका गया तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
ज्ञापन में राज्यपाल से मांग की गई कि गोंदलपुरा क्षेत्र उपजाऊ बहु-फसली क्षेत्र है और यहां के घने जंगलों में हाथी सहित कई वन्य जीव-जंतु निवास करते हैं। खनन से न केवल पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का जीवन भी अस्त-व्यस्त हो जाएगा।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि इस मामले को लेकर राज्य और केंद्र सरकार को लिखित रूप से अवगत कराया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

