सरायकेला नगर पंचायत की बैठक में बिजली–पानी–सड़क व्यवस्था सुधारने पर जोर

बैठक की शुरुआत शहर में विद्युत आपूर्ति से संबंधित मुद्दों की समीक्षा से हुई। बताया गया कि JUSCO द्वारा स्वीकृत नक्शे के आधार पर किए जा रहे विद्युत कार्य की प्रगति मात्र 20 से 25 प्रतिशत है। इस पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही नए विद्युत कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदनों को चेकलिस्ट के आधार पर एक सप्ताह के भीतर स्वीकृत करने का आदेश दिया गया। एक्सटेंशन और ट्रांसमिशन लाइन से जुड़े कार्यों के दौरान पोल गाड़ने से पूर्व नगर पंचायत को पूर्व सूचना देने तथा कनीय अभियंता के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने पर जोर दिया गया।


बिजली बाधित होने की स्थिति में आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से टोल-फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी क्षेत्र में एक घंटे से अधिक समय तक बिजली बाधित रहती है, तो संबंधित स्थान पर जम्फर कटवाकर तुरंत समस्या का समाधान किया जाए, जिससे पूरे शहर में अनावश्यक कटौती न हो। व्यस्त समय यानी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे, दोपहर 2 से शाम 5 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक बिजली कटौती नहीं करने का कड़ा निर्देश दिया गया।

सात मार्च को आयोजित पूर्व बैठक की कार्यवाही की समीक्षा भी की गई, जिसमें दो फीडरों को अलग करने, AB स्विच लगाने, टहनियों की कटाई, समय पर मीटर रीडिंग जैसी योजनाओं की प्रगति जानी गई। शहर के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे सिद्धो-कान्हू पार्क, टाउन हॉल, पाठागार रोड और धर्मशाला रोड में झूलते हुए विद्युत तारों को व्यवस्थित करने के लिए ट्रे लगाने का निर्देश दिया गया।
जल आपूर्ति से जुड़े विषयों पर चर्चा के दौरान JUSCO को जल कनेक्शन के निर्धारित शुल्क पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इसके अलावा आगामी महोत्सव को देखते हुए JRDCL को नगर पंचायत एवं विद्युत प्रमंडल के साथ समन्वय कर नाली सफाई और स्ट्रीट लाइट मरम्मति का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गैरेज चौक से बिरसा चौक के बीच सड़क पर लंबे समय से बनी जल जमाव की समस्या पर भी चर्चा हुई। इस मुद्दे के समाधान के लिए JRDCL और नगर पंचायत के कनीय अभियंता को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक के अंत में अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सभी विभागों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद बैठक समाप्त की गई।

