चाईबासा लाठीचार्ज पर बाबूलाल मरांडी का हमला: हेमंत सरकार खनन माफियाओं के दबाव में काम कर रही, न्यायिक जांच की मांग
आदिवासी ग्रामीणों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे हेमंत सरकार की विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से नो-एंट्री आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर देर रात लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित फायरिंग की गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।


मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार अवैध खनन सिंडिकेट के दबाव में काम कर रही है और जनता की सुरक्षा से ज्यादा माफियाओं के हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इस मार्ग पर बार-बार सड़क हादसे हो रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा द्वारा हाल में पकड़े गए अवैध वाहनों का हवाला देते हुए मरांडी ने कहा कि प्रशासन ने उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जो खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों के निलंबन और घायलों को मुआवजा देने की मांग की है। मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो भाजपा व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।

