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पूर्णांग उत्कल उन्नयन न्यासी मंडल की रजत जयंती में ओड़िया भाषा-संस्कृति का उत्सव, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह

खरसावां : ओड़िया सामाजिक संगठन पूर्णांग उत्कल उन्नयन न्यासी मंडल का रजत जयंती समारोह खरसावां के काली मंदिर सामुदायिक भवन में आयोजित की गयी. कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु जगन्नाथ की तसवीर पर माल्यार्पण कर किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रुप से ओड़िया भाषा, साहित्य संस्कृति के उत्थान पर चर्चा किया गया. ओड़िया भाषा में पठन पाठन से लेकर भाषा-संस्कृति के प्रचार प्रसार पर भी साकारात्मक चर्चा की गयी.

ओड़िया भाषा-संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान ओड़िया भाषा-संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया गया. ओड़िया कवि ज्योति लाल साहू, नाट्यकार विजय प्रताप सिंहदेव, सूर्य कुमार पति, अजय प्रधान, सुधांशु शेखर प्रधान, मुकेश प्रधान, परमेश्वर प्रधान, युधिष्ठिर मंडल, सुशांत षाडंगी, झलक हाजरा, आशुतोष आचार्य, जितेंद्र घोडाई, लेखक कार्तिक कुमार परीक्षा, सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप प्रधान, शिक्षाविद् प्रो नागेश्वर प्रधान, प्रभाकर मंडल, बिरोजा पति, नव कुमार मंडल, शचिंद्र दाश, प्रताप मिश्रा, लखिद्र नायक समेत ओड़िया शिक्षक को भी सम्मानित किया गया.

ओड़िया पुस्तक ‘महाप्रभु श्रीजगन्नाथ’ का विमोचन 

इस दौरान डॉ शरत चंद्र रथ द्वारा लिखित ओड़िया पुस्तक ‘महाप्रभु श्रीजगन्नाथ’ का भी अतिथियों ने विमोचन किया. पुस्तक में जगन्नाथ संस्कृति के विभिन्न पहलूओं को रेखांकित किया गया है. कार्यक्रम में ओड़िया कवि ज्योति लाल साहू सिंहभूमी ओड़िया भाषा मे कविता पाठ कर जम कर बाहवाही बटोरी.

भाषा-संस्कृति ही हमारी पहचान है, इसके उत्थान के लिये मिल कर कर कार्य करेंगे : सीता बल्लव महापात्र

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अध्यक्ष सीता बल्लव महापात्र ने कहा कि भाषा-संस्कृति ही हमारी पहचान है. हमें अपनी भाषा पर गर्व की अनुभूति होती है. उन्होने ओड़िया भाषा संस्कृति के उत्थान में सभी को एकजुट कर हो कर कार्य करने पर जोर दिया. संस्थान के उपाध्यक्ष आर्य कुमार ज्ञानेंद्र ने कहा ओड़िया भाषा, लिपि, कला व संस्कृति सभी को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है. इसे बचाने के लिये सभी की सहभागिता जरुरी है. शिक्षाविद् प्रो नागेश्वर प्रधान ने कहा कि ओड़िया भाषा के साथ साथ संस्कृतिक धरोहरों को को संरक्षित करने के लिये सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा. उन्होंने ओडिया भाषा में बच्चों के पठन पाठन, आपसी वार्तालाप करने पर भी बल दिया.

कार्यक्रम में ये रहे मौजूर

कार्यक्रम में संगठन के सचिव राम नारायण मिश्र, संयक्त सचिव कैलश चंद्र रथ, बिरोजा प्रसाद सतपथी, बासंती त्रिपाठी, शरत चंद्र चंद्र रथ, आरती कर, चक्रधर दाश, वंशीधर सेठी, सुनील महापात्र, आशुतोष आचार्य, हरिश चंद्र आचार्य, सुमंत चंद्र मोहंती, दिलीप प्रधान, सुशील षाडंगी, सुभाष बेहरा आदि उपस्थित थे. संचालन आदर्श सेवा संघ के सुमत चद्र मोहंती ने किया.

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