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कांड्रा में आंदोलन के दौरान मजदूर नेता पर हमला, कई सवाल खड़े

कांड्रा। अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड, कांड्रा के मुख्य द्वार पर मजदूर नेता राजीव कुमार पांडे पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को कांड्रा थाना में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की गई। जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ (निबंधन संख्या 283/2021) के महामंत्री राजीव कुमार पांडे शुक्रवार को थाना पहुँचे और उन्होंने 27 नवंबर की रात 10:35 बजे घटी पूरी घटना का विस्तृत बयान दर्ज कराया। घटना के समय मृतक मजदूर मनीष कुमार बाजपेई, जो वेल्डर के रूप में कार्यरत थे, उनके परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी था। इसी दौरान कंपनी के अधिकारियों और अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उन पर लाठी–डंडों से हमला किया गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मजदूरों ने दावा किया है कि हमलावरों ने धमकी भी दी कि यदि कोई मजदूर नेता कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध आवाज उठाएगा, तो उसका भी यही हश्र होगा।

 

घटना के बाद राजीव पांडे ने कांड्रा थाना प्रभारी से चार बार टेलीफोन पर बात कर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्राथमिकी दर्ज कराते समय छोटू कुमार समेत कई मजदूर साथी भी उपस्थित थे, जिन्होंने प्रत्यक्षदर्शी होने के नाते अपने बयान दिए। राजीव पांडे ने बताया कि पूरी घटना CCTV फुटेज में दर्ज है और चिकित्सीय रिपोर्ट भी उपलब्ध है, जो हमले की गंभीरता को स्पष्ट करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस प्रकार का हमला होना कई सवाल खड़े करता है और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न करता है।

 

घटना के विरोध में शुक्रवार को ब्राह्मण समाज एवं श्री परशुराम शक्ति सेना का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय अध्यक्ष अभिषेक पांडे के नेतृत्व में राजीव पांडे से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने इस हमले को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि मृत कर्मचारी के मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन में मजदूर नेता पर हमला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत की ओर संकेत करता है। अभिषेक पांडे ने कहा कि कांड्रा थाना क्षेत्र में स्थित कंपनी के बाहर रात 11 बजे हमला होना और उसके बाद भी त्वरित कार्रवाई न होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में संज्ञान लेने और थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की।

 

श्री परशुराम शक्ति सेना ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यदि मजदूरों की आवाज को इस प्रकार दबाने का प्रयास किया गया, तो यह मजदूर हितों के खिलाफ एक खतरनाक मिसाल साबित होगी। संस्था ने साफ कहा कि वह मजदूर नेता राजीव पांडे के साथ मजबूती से खड़ी है और यदि आवश्यक हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।

 

इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय अध्यक्ष अभिषेक पांडे, छोटू कुमार, आदर्श सिंह, केंद्रीय सचिव प्रणव मिश्रा, केंद्रीय पदाधिकारी सचिन स्वागत पाठक, राजेश पांडे और सचिन दुबे मौजूद थे। जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ ने स्पष्ट किया कि संगठन मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी दृढ़ता के साथ जारी रखेगा।

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