राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
चाईबासा: राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग एवं मानसी परियोजना के सहयोग से चाईबासा प्रखंड में पीयर एजुकेटर (साथिया) का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 40 किशोरों और 20 सहियाओं ने भाग लिया।


प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये पीयर एजुकेटर अपने-अपने गांवों में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों का समूह बनाकर उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देंगे। यह कार्य एएनएम, सहिया और मानसी मित्र के सहयोग से किया जाएगा। साथ ही ये पीयर एजुकेटर किशोर स्वास्थ्य कल्याण दिवस के आयोजन में भी सहयोग करेंगे।

छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जीवन कौशल के 10 घटक, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, आरटीआई और एसटीआई, मानसिक स्वास्थ्य, चोट और हिंसा की रोकथाम, नशा मुक्ति, मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, गैर संचारी रोग, संचारी रोग, एचआईवी/एड्स से बचाव और सड़क दुर्घटना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान वीडियो, खेल और कहानियों के माध्यम से विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया।
प्रशिक्षण में आरकेएसके की बीटीटी रजनी देवगम, एएनएम अंजली महतो और असीमा सुंडी तथा मानसी परियोजना के प्रखंड समन्वयक सुनील कुमार मलुवा ने प्रशिक्षक के रूप में सहयोग किया।
टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित मानसी परियोजना की ओर से प्रतिभागियों को टी-शर्ट, टोपी, डायरी और रंगीन पेंसिल प्रदान की गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी किशोरों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया, जिसका वितरण सदर चाईबासा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर जगन्नाथ हेंब्रम के हाथों किया गया।

