बेरमो में सांप्रदायिक ताकतों को चेतावनी, संयुक्त मोर्चा ने निकाला मार्च
बेरमो में सांप्रदायिक सौहार्द को खतरा बताते हुए रविवार को संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चेतावनी मार्च निकाला गया। मार्च गांधी मूर्ति, कारगली गेट से शुरू होकर फुसरो के प्रमुख मार्गों से होते हुए निर्मल महतो चौक में आयोजित सभा में समाप्त हुआ।


इस मार्च में बड़ी संख्या में न्यायप्रिय नागरिक, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने “बेरमो की सद्भावना से खिलवाड़ नहीं चलेगा”, “हर जोर-जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है”, और “जय झारखंड” जैसे नारे लगाकर सांप्रदायिक ताकतों को कड़ा संदेश दिया।
सभा को भाकपा माले, भाकपा, जेएलकेएम, कांग्रेस और झामुमो के नेताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बेरमो की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है और इसे किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वक्ताओं ने युवाओं को गुमराह करने और जहरीली सोच फैलाने के प्रयासों की आलोचना की और कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लंबी एवं संगठित लड़ाई जरूरी है।
सभा की अध्यक्षता भाकपा नेता सुजीत घोष ने की, संचालन छात्र नेता राज केवट ने किया और धन्यवाद ज्ञापन झामुमो चलकरी सचिव मोईन अंसारी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कई राजनीतिक और सामाजिक नेता उपस्थित रहे, जिनमें विस्थापित नेता काशीनाथ केवट, माले नेता भुवनेश्वर केवट, जेएलकेएम नेता परवेज आलम, कांग्रेस नेता अशोक मंडल और अन्य शामिल थे।

