पीड़ित परिवार से मिलने के बाद गीता कोड़ा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): चाईबासा में नोआमुंडी प्रखंड के बाल जोड़ी गांव की घटना को लेकर पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पहले सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर पीड़ित आदिवासी परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद चाईबासा स्थित कैफेटेरिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को सार्वजनिक किया।


प्रेस वार्ता में गीता कोड़ा ने बताया कि एक असहाय पिता डिंबा चंतोबा अपनी चार माह की नवजात बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा लेकर आया था। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण शव को घर ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे पिता को रात के अंधेरे में अपनी मृत बच्ची का शव थैली में लेकर जंगल के रास्ते गांव लौटना पड़ा।
उन्होंने इस घटना को स्वास्थ्य विभाग और सदर अस्पताल की गंभीर संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गीता कोड़ा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी बहुल पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जिले में एक लाख से अधिक बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष संजय पांडे और नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार भी मौजूद रहे। सभी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग की।

