पेशा कानून लागू होने से आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार मिलेगा : त्रिशानु राय
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड कैबिनेट द्वारा पेशा कानून को स्वीकृति देने पर प०सिंहभूम जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, विभागीय मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह, कैबिनेट सदस्यों और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी समुदायों को हजारों वर्ष पुरानी पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को आधुनिक युग में पुनः स्थापित करने का अवसर देगा और ग्राम सभा को सशक्त बनाएगा।


त्रिशानु राय ने बताया कि पेशा कानून लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों – जल, जंगल और जमीन – के प्रबंधन पर ग्राम सभा का नियंत्रण सुनिश्चित होगा। यह कानून पारंपरिक शासन प्रणाली की खामियों को दूर कर इसे अधिक लोकतांत्रिक और लिंग-समावेशी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं को लागू करने से पहले अपनी मंजूरी देना अनिवार्य होगा। साथ ही, आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान, रीति-रिवाज और प्रथागत कानूनों की रक्षा होगी। कानून के तहत भूमि के अवैध अतिक्रमण को रोका जाएगा और भूमि की बहाली के लिए कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
त्रिशानु राय ने कहा कि पेशा कानून आदिवासियों को अपने विकास की दिशा तय करने और संसाधनों के प्रबंधन में अधिकार देने का महत्वपूर्ण कदम है। यह कानून आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को मान्यता देने, शोषण रोकने और स्थानीय स्तर पर शासन मजबूत करने में मदद करेगा।
इस कानून के लागू होने से आदिवासी ग्राम सभाओं को स्वशासन का अधिकार मिलेगा और उनके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

