सदर अस्पताल कांड के विरोध में 48 घंटे का आमरण अनशन, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
चाईबासा: सदर अस्पताल चाईबासा से जुड़ी 18 दिसंबर 2025 की घटना के विरोध में आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने 48 घंटे का आमरण अनशन शुरू किया है। यह अनशन गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे किया जा रहा है। अनशन जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में चल रहा है। अनशन शुरू हुए 26 घंटे से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है।


ज्ञात हो कि 18 दिसंबर को सदर अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण एक पिता डिंबा चंतोबा को अपने चार माह के बच्चे का शव थैले में भरकर नोआमुंडी प्रखंड के बाल जोड़ी गांव अपने घर ले जाना पड़ा था। शव वाहन या एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण वह बस से गांव रवाना हुआ। बताया गया कि जिला मुख्यालय से उसके गांव की दूरी करीब 80 से 90 किलोमीटर है। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया था।
घटना को लेकर आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। भारतीय जनता पार्टी ने भी सदर अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद अब आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने आंदोलन तेज करते हुए आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है।
अनशन पर बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा का नहीं, बल्कि पूरे सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की विफलता को दर्शाता है। उनकी प्रमुख मांगों में सदर अस्पताल में शव वाहन और एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था, पीड़ित परिवार को मुआवजा और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार शामिल है।
अनशनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

