गुरुद्वारा नानक दरबार में श्रद्धा के साथ मनाया गया गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश गुरपरब
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): शहर के गुरुद्वारा नानक दरबार में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश गुरपरब मनाया गया। इस अवसर पर गुरुवार को आरंभ किए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ की समाप्ति शनिवार को विधिवत रूप से हुई।


कार्यक्रम के दौरान श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने संगत को गुरपरब की बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पटना साहिब में हुआ था, जहां आज तख्त श्री हरिमंदिर जी स्थापित है। उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया, इसी कारण उन्हें ‘सरवंशदानी’ कहा जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के पिता श्री गुरु तेग बहादुर जी ने जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करते हुए दिल्ली के चांदनी चौक में धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी। वहीं गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों और माता जी ने भी अत्याचार के सामने झुकने से इनकार करते हुए बलिदान दिया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा कविता पाठ प्रस्तुत किया गया। जमशेदपुर से आए हरमीत सिंह जी के कीर्तनी जत्थे ने साज के साथ मधुर कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भावविभोर कर दिया।
अंत में ग्रंथी प्रताप सिंह जी द्वारा अरदास की गई। इसके बाद संगत के बीच प्रसाद और लंगर का वितरण किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में श्री गुरु सिंह सभा, स्त्री सत्संग सभा और युवा खालसा के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

