नेताजी सुभाष इंग्लिश स्कूल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया पराक्रम दिवस
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): चाईबासा के सेन टोला स्थित नेताजी सुभाष इंग्लिश स्कूल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती की पूर्व संध्या पर पराक्रम दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।


कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, भाषण और विचार प्रस्तुत कर नेताजी के साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान नेताजी के जीवन संघर्ष, आजादी के आंदोलन में उनके योगदान और उनके प्रेरणादायी विचारों पर प्रकाश डाला गया।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन अनुशासन, आत्मबल और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नेताजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम, आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी व भाजपा के वरिष्ठ नेता देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रेशमी यादव, डॉक्टर हाशमी, मानस राय, नीतू, वर्षा, निशा और उज्जवल शामिल हुए। सभी अतिथियों ने नेताजी के विचारों को आज के समय में प्रासंगिक बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉक्टर रोमिला बख्शी घोष ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक पावन अवसर है जब हम ऐसे महान नेता को याद कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नेताजी के प्रसिद्ध कथन “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर शिक्षिका गुड्डी बारीक, साना फिरदौस सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

