गणतंत्र दिवस पर झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारियों का भव्य सम्मान समारोह
कार्यक्रम में आंदोलनकारी नेता भुवनेश्वर महतो के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी एकजुट हुए। समारोह के दौरान कुल 175 झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारियों को उनके संघर्ष, त्याग और ऐतिहासिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आंदोलनकारी नेता भुवनेश्वर महतो ने कहा कि
“झारखंड राज्य का निर्माण इन्हीं आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, बलिदान और अडिग संकल्प का परिणाम है। ऐसे सेनानियों का सम्मान करना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।”
वहीं आंदोलनकारी रामरतन महतो ने अपने संबोधन में कहा कि
“हमारा संघर्ष यहीं समाप्त नहीं हुआ है। अभी भी कई आंदोलनकारी सम्मान से वंचित हैं। हमें छूटे हुए आंदोलनकारियों को भी सम्मान दिलाना है और जिन आंदोलनकारियों को अब तक पेंशन नहीं मिल रही है, उन्हें पेंशन दिलाने की लड़ाई भी मजबूती से लड़नी है।”
उन्होंने मंच के माध्यम से झारखंड सरकार से सभी चिन्हित आंदोलनकारियों को शीघ्र पेंशन लाभ देने की मांग की।
सम्मान समारोह के दौरान सभागार “जय झारखंड” और “झारखंडी अस्मिता ज़िंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख आरती हांसदा, उपप्रमुख सुमना देवी,विशु हेम्ब्रम, रामरतन महतो, राजकपूर प्रधान, जयराम मुर्मू, गुरुप्रसाद महतो, चितरंजन महतो, चंदन महतो, सुबोल महतो, नेबु महाकुड़, जितमोहन मुर्मू, कालीपद सोरेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित थे।


