आशा योजना के तहत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, जागरूकता रथ किया गया रवाना
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन और बच्चों के सुरक्षित व सम्मानजनक भविष्य के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई।


यह अभियान झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुवार 29 जनवरी 2026 को चाईबासा में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जागरूकता रथ को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार रवि चौधरी तथा निबंधक सिविल कोर्ट पश्चिमी सिंहभूम पूजा पांडेय ने संयुक्त रूप से रवाना किया।
यह कार्यक्रम कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन के सहयोग से तथा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस की सहभागिता से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन की ओर से अधिवक्ता प्रिया, आलिया वसीम, नीता कोराह और पिंकी बोधरा सहित एलएडीसी के अधिवक्ता उपस्थित थे। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाकर सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज मोहम्मद शाकिर ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसे समाप्त करने के लिए न्यायपालिका, विधिक सेवा संस्थाओं और समाज की संयुक्त भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की सामाजिक स्वीकृति को समाप्त करना, कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना और समुदाय स्तर पर बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
रवाना किया गया जागरूकता रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देगा और इसके दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक करेगा।

