टाटानगर में रेल सिविल डिफेंस ने सहायक लोको पायलटों को दिया बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण
जमशेदपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की ओर से रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा चयनित सहायक लोको पायलटों को प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण दिया गया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में आयोजित किया गया।


प्रशिक्षण के दौरान बेसिक लाइफ सपोर्ट, सीपीआर, श्वसन मार्ग में बाहरी वस्तु फंसने की स्थिति (एफबीएओ) में प्राथमिक उपचार तथा आग लगने की स्थिति में फायर संयंत्र के प्रयोग की मॉक ड्रिल कराई गई। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने सीपीआर देने की विधि और उसके सफल होने के लक्षणों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सफल सीपीआर में प्रत्येक कंप्रेशन के साथ नाड़ी महसूस होती है, श्वसन सहायता के साथ छाती ऊपर-नीचे होती है, आंखों की पुतलियां प्रतिक्रिया करने लगती हैं और त्वचा के रंग में सुधार आता है।
उन्होंने यह भी बताया कि मृत्यु के बाद शरीर में अकड़न, सड़े हुए शरीर या अंग कटे होने की स्थिति में सीपीआर नहीं देनी चाहिए। श्वसन मार्ग में बाहरी वस्तु फंसने से हाइपोक्सिया या हृदय गति रुकने की आशंका रहती है। बच्चों के मुंह में सिक्का या भोजन फंसने जैसी घटनाओं के लिए प्राथमिक उपचार की मॉक ड्रिल कराई गई।
इसके अलावा इमरजेंसी रेस्क्यू, इंजन में लगे ऑग्जीलियरी फायर एक्सटिंग्विशर के प्रयोग, चोट और फ्रैक्चर की स्थिति में बैंडेज करने की विधि भी सिखाई गई। डेमोंस्ट्रेटर कल्याण कुमार साहू, अनिल कुमार सिंह, रमेश कुमार और अनामिका मंडल ने मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल चार सौ सहायक लोको पायलट उपस्थित रहे। नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण पद्धति की सराहना की।

