मंझारी प्रखंड में ‘जस्टिस ऑन व्हील्स’ के जरिए विधिक जागरूकता शिविर, मुफ्त कानूनी सहायता की दी गई जानकारी
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा द्वारा मंझारी प्रखंड कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल वाहन ‘जस्टिस ऑन व्हील्स’ के माध्यम से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला एवं प्रधान सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन और प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।


शिविर के दौरान लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और प्राधिकार द्वारा दी जा रही निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई। जागरूकता के लिए हैंडबिल का वितरण भी किया गया।
पैनल अधिवक्ता अजित विश्वकर्मा तथा पीएलवी पार्वती समद और वासुदेव गोप ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य, महिलाएं और बच्चे, मानव तस्करी या बेगार के शिकार व्यक्ति, दिव्यांगजन, बाढ़, सूखा, भूकंप या हिंसा जैसी आपदाओं के पीड़ित, औद्योगिक श्रमिक, जेल या जुवेनाइल होम में बंद व्यक्ति तथा निर्धारित आय सीमा से कम आय वाले लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि प्राधिकार की ओर से निःशुल्क वकील, अदालती कार्यवाही में सहायता, कानूनी सलाह, लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित निपटारा, कोर्ट फीस में सहयोग और पीड़ित मुआवजा दिलाने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
शिविर में बाल तस्करी को गंभीर अपराध बताते हुए लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि बच्चों को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है। यदि बच्चों को श्रम कार्य में लगाया जाता है या एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर काम कराया जाता है तो यह दंडनीय अपराध है।
बाल विवाह के विरुद्ध भी लोगों को सचेत किया गया। बताया गया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह कानूनी रूप से अपराध है। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी पक्ष दोषी माने जाते हैं। ऐसे मामलों की सूचना प्रखंड या पंचायत पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया, चाइल्ड लाइन 1098, पुलिस 100 या जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दी जानी चाहिए।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

