ओल चिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे, पंडित रघुनाथ मुर्मू के सम्मान में 100 रुपये का सिक्का और डाक टिकट जारी
सरायकेला(प्रकाश कुमार गुप्ता): संथाली भाषा की ओल चिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत सरकार ने इसके आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू के सम्मान में 100 रुपये के मूल्य वर्ग का स्मारक सिक्का जारी किया है। इसके साथ ही उनके सम्मान में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया है। इस निर्णय को संथाली समाज के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है।


पूर्व मुख्यमंत्री सह सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने इस पहल के लिए आदरणीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू ने ओल चिकी लिपि का निर्माण कर संथाली भाषा और संस्कृति को नई पहचान दिलाई। उनके सम्मान में सिक्का और डाक टिकट जारी होना पूरे आदिवासी समाज के लिए सम्मान की बात है।

चंपई सोरेन ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन से लेकर संथाली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने तक के मुद्दों पर लगातार प्रयास किए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में संथाली भाषा में अनुवाद की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय से आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति और पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलता है। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी भाषा और विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा मिलती है।
ओल चिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने पर संथाली समाज में उत्साह का माहौल है और विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

