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ग्राउंड रिपोर्टर से स्कूल फाउंडर: झारखंड के सुकेश कुमार महतो का ‘शिक्षा रिवोल्यूशन

 

पत्रकारिता के साथ शिक्षा की मशाल: रोलाडीह के सुकेश महतो लिख रहे गरीब बच्चों की तकदीर

रांची: झारखंड के सुदूर ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने वाले सुकेश कुमार महतो की जीवनी प्रेरणा और समर्पण की एक अद्भुत कहानी है। एक पत्रकार से लेकर एक सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् बनने तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

 

सुकेश कुमार महतो: शिक्षा और पत्रकारिता के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन के अग्रदूत

​परिचय

​झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सुकेश कुमार महतो एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने पत्रकारिता के साथ-साथ शिक्षा को समाज सेवा का माध्यम बनाया है। एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में, वे ग्रामीण बच्चों के भविष्य को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का महती कार्य कर रहे हैं।

जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

​सुकेश कुमार महतो का जन्म 13 अप्रैल 1990 को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अंचल के रोलाडीह गाँव में हुआ था। उनके पिता एक शिक्षक हैं, जिनसे उन्हें शिक्षा के प्रति गहरा लगाव और समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा मिली। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण वे ज़मीनी चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं।

पत्रकारिता में अटूट सक्रियता

​सुकेश जी पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। खास बात यह है कि सामाजिक कार्यों में व्यस्तता के बावजूद वे आज भी पत्रकारिता में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे अपनी लेखनी के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठाते हैं और ग्रामीण समाज की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं।

तुलसी पब्लिक स्कूल: शिक्षा और रोजगार की नई क्रांति

ग्रामीण बच्चों को आधुनिक और वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्होंने 8 अगस्त 2024 को “तुलसी पब्लिक स्कूल” की नींव रखी। यह स्कूल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और रोजगार का एक बड़ा केंद्र बन गया है:

CBSE पैटर्न और मामूली शुल्क: यहाँ गरीब बच्चों को अत्यंत कम फीस पर सीबीएसई पैटर्न के आधार पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जा रही है।

अनुभवी शिक्षकों की टीम: गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में 20 से अधिक B.Ed (बी.एड) डिग्री धारक और अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे स्थानीय शिक्षित युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिला है।

भविष्य का रोडमैप: ‘मिशन 2027’

सुकेश कुमार महतो का विजन केवल एक स्कूल चलाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं:

1000+ छात्र: उनका लक्ष्य है कि जल्द ही 1000 से अधिक ग्रामीण बच्चों को सामान्य और किफायती फीस पर उच्च स्तरीय शिक्षा से जोड़ा जाए।

100+ रोजगार: शिक्षा के साथ-साथ वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहते हैं। उनका संकल्प है कि वर्ष 2027 तक 100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया जाए।

एक विजनरी सोशल एक्टिविस्ट

एक सोशल एक्टिविस्ट के रूप में सुकेश महतो का मानना है कि “शिक्षा ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे गरीबी और पिछड़ेपन की बेड़ियों को तोड़ा जा सकता है।” उनके प्रयास से आज रोलाडीह और आसपास के गाँवों के मेधावी बच्चे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा पा रहे हैं।

 

तुलसी पब्लिक स्कूल: एक नई क्रांति (स्थापना: 8 अगस्त 2024)

​ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शहर जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्होंने “तुलसी पब्लिक स्कूल” की नींव रखी। इस विद्यालय की औपचारिक शुरुआत 8 अगस्त 2024 को हुई।

​CBSE पैटर्न और अंग्रेजी माध्यम: यह स्कूल पूरी तरह से CBSE पैटर्न पर आधारित है, जहाँ अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जा रही है ताकि गाँव के बच्चे भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

​सस्ती और सुलभ शिक्षा: सुकेश जी ने इस स्कूल को मामूली शुल्क के सिद्धांत पर शुरू किया है। उनका मुख्य लक्ष्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाना है।

​ग्रामीण विकास का केंद्र: 24 जुलाई 2024 को स्कूल खुलने के बाद से ही, यह क्षेत्र के गरीब मेधावी बच्चों के लिए आशा की एक नई किरण बन गया है।

सामाजिक सक्रियता और विजन

​एक सोशल एक्टिविस्ट के रूप में सुकेश कुमार महतो शिक्षा के साथ-साथ अन्य सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ भी खड़े रहते हैं। 15 साल का पत्रकारिता का अनुभव और एक शिक्षक पुत्र के रूप में उनके संस्कार, उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्तित्व बनाते हैं। वे आज के युवाओं के लिए मिसाल हैं कि कैसे अपनी जड़ों से जुड़कर समाज में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।

निष्कर्ष

​सुकेश कुमार महतो का जीवन संघर्ष और सेवा का समन्वय है। तुलसी पब्लिक स्कूल के माध्यम से वे जिस बदलाव की पटकथा लिख रहे हैं, उसका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। पत्रकारिता और शिक्षा के माध्यम से उनका यह सफर निरंतर जारी है।

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