आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम के उपमहापौर चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। चुनाव में अंकुर सिंह ने जीत दर्ज करते हुए उपमहापौर पद पर कब्जा कर लिया, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद अब विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जिनमें से हुए मतदान में अंकुर सिंह को 18 मत मिले, जिसके बाद उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया और प्रमाण पत्र देने के साथ शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी करा दी गई।
अर्चना सिंह ने किया 20 पार्षदों के समर्थन का दावा
परिणाम घोषित होने के बाद पार्षद अर्चना सिंह ने नया दावा करते हुए कहा कि उनके समर्थन में 20 पार्षद हैं। उन्होंने उपायुक्त (DC) को आवेदन सौंपकर मतों की दोबारा गिनती (रिकाउंटिंग) कराने की मांग की है।
अर्चना सिंह फिलहाल अपने समर्थक पार्षदों के साथ DC कार्यालय में मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच की मांग कर रही हैं।
चंपई सोरेन ने भी की उपायुक्त से मुलाकात
इस विवाद के बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक चंपई सोरेन भी उपायुक्त से मिलने पहुंचे और मामले को लेकर बातचीत की। इससे आदित्यपुर की स्थानीय राजनीति और भी गर्मा गई है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने कही यह बात
मामले को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर ने साफ कहा है कि यदि किसी को चुनाव परिणाम पर आपत्ति थी तो प्रमाण पत्र जारी होने से पहले ही दर्ज करानी चाहिए थी। अब परिणाम घोषित होने और शपथ के बाद प्रशासनिक स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने असंतुष्ट पक्ष को कोर्ट जाने की सलाह दी है।
पार्षदों की स्थिति को लेकर भी असमंजस
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुछ पार्षदों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ पार्षद समर्थन एक तरफ बता रहे हैं लेकिन मतदान दूसरी तरफ कर दिया, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।
अब देखने वाली बात होगी कि यह मामला कोर्ट तक जाता है या फिर दोबारा चुनाव की नौबत आती है। फिलहाल आदित्यपुर नगर निगम की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है।