सरायकेला में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

सरायकेला-खरसावाँ,


समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें राजस्व संग्रहण से लेकर म्यूटेशन, सीमांकन और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने राजस्व संग्रहण में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित एवं समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में पारदर्शिता, नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही डिफॉल्टर मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए खनन, परिवहन और मोटरयान से संबंधित राजस्व वसूली में तेजी लाने को कहा।
उपायुक्त ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री, विद्युत चोरी तथा बिना वैध दस्तावेजों के वाहन संचालन के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
राजस्व कार्यालयों की समीक्षा के दौरान म्यूटेशन, सीमांकन, सक्सेशन (उत्तराधिकार) और परिशोधन से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र और नियमानुसार निष्पादन पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि म्यूटेशन आवेदनों को अनावश्यक रूप से निरस्त न किया जाए और सभी मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आम जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर से बचाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने तथा बिचौलियों की भूमिका पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि पोर्टल आधारित प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए और ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अधिकाधिक आवेदन प्राप्त कर उनका समयबद्ध निष्पादन किया जाए।
इसके अलावा आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के निर्गमन में संवेदनशीलता बरतने और पात्र लाभुकों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि विशेष रूप से विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में मूल खतियान के ऑनलाइन मिलान, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े लंबित मुआवजा भुगतान तथा आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को राजस्व संग्रहण के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ सभी कार्यों को पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया।

