AIDSO की ओर से शहीद-ए -आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहादत दिवस सिंहभूम कॉलेज चांडिल में मनाया गया।

ईचागढ़:


आज 23 मार्च हमारे देश के आजादी आंदोलन के गैर-समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु का शहादत दिवस है। इस अवसर पर छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) सिंहभूम कॉलेज कमिटी की ओर से शहादत दिवस का कार्यक्रम कॉलेज में मनाया गया। शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के फोटो पर माल्यार्पण के पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित एआईडीएसओ सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष विशेश्वर महतो ने कहा कि भगत सिंह ने अपने छोटे से जीवन में राजनीतिक एवं दार्शनिक समझ के साथ संघर्ष की जो मिसाल पेश की वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है। मात्र 24 वर्ष की आयु में उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी। भगत सिंह और उनके साथियों ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था, जहाँ शोषण न हो, इंसान की पहचान धर्म-जाति से नहीं बल्कि इंसानियत से हो, और हर व्यक्ति को रोटी, कपड़ा और मकान मिले ।लेकिन आजादी के बाद भी गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। आज भी मूलभूत सुविधाएँ पूरी तरह सब तक नहीं पहुँच पाई हैं। वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है, लेकिन शासक वर्ग द्वारा भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के विचारों को दबाने और भुलाने की कोशिश की जा रही है। युवाओं को भटकाने के लिए भोगवादी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कूलों को बंद कर शराब दुकानों को खोला जा रहा है, अश्लील सिनेमा साहित्य, अग्रेसिव गेम्स और हिंसक वेब सीरीज को बढ़ावा देकर छात्रों के चारित्रिक गुणों को नष्ट कर हिंसक और असंवेदनशील बनाया जा रहा है। इसीलिए आज जरूरत है इन साजिशों को समझें और भगत सिंह के विचारों को अपनाएँ।
आज के कार्यक्रम में जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक, कॉलेज कमिटी अध्यक्ष कान्हू टुडू, सचिव राजा प्रामाणिक व साथ में रोहित प्रामाणिक, विक्रम मुंडा, ठाकुरदास प्रामाणिक आदि उपस्थित थे।


