जामताड़ा में आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी के आरोपों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिटी अस्पताल को सील कर दिया। उपायुक्त रवि आनंद ने बुधवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से लेकर तकनीकी व कानूनी खामियों तक, अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में दिखाई दी। डीसी ने स्थिति को गंभीर मानते हुए तुरंत अस्पताल सील करने और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
जांच में पता चला कि आयुष्मान भारत योजना के नाम पर भारी गड़बड़ी की गई है। अस्पताल की ओर से दिखाए गए कई ऑपरेशन संदिग्ध पाए गए। रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश मोबाइल नंबर फर्जी या बंद थे। कई लाभार्थी दूसरे राज्यों के निकले, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है। प्रशासन इसे एक बड़े घोटाले के रूप में देख रहा है।
गुरुवार को अंचल अधिकारी ओबीश्वर मुर्मू और थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो की टीम ने पुलिस बल के साथ अस्पताल को सील कर दिया। लगभग 90% हिस्सा बंद कर दिया गया है, जबकि चार मरीजों की स्थिति को देखते हुए थोड़ा हिस्सा अस्थायी रूप से खुला रखा गया है।
उपायुक्त ने साफ कहा है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ और सरकारी धन की चोरी करने वाले किसी भी संस्थान पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।