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केन्दमुण्डी में प्रस्तावित क्रशर के खिलाफ भड़का जनआक्रोश, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन—“ये हमारी अस्तित्व की लड़ाई”

केन्दमुण्डी में प्रस्तावित क्रशर के खिलाफ भड़का जनआक्रोश, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन—“ये हमारी अस्तित्व की लड़ाई”

 

सरायकेला-खरसावां/राजनगर:

राजनगर प्रखंड अंतर्गत केन्दमुण्डी पंचायत के केन्दमुण्डी गांव में प्रस्तावित स्टोन क्रशर को लेकर आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी और अंचल अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।

 

ग्रामीणों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि प्रस्तावित क्रशर गांव के महज 100 मीटर के दायरे में लगाया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का दावा है कि इस परियोजना के लिए फर्जी ग्रामसभा कर कागजी मंजूरी भी ले ली गई है।

 

स्थानीय लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यहां क्रशर लगाया गया तो ब्लास्टिंग के कारण घरों को सीधा खतरा होगा। साथ ही, प्रस्तावित स्थल के नजदीक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र होने से बच्चों की सुरक्षा भी दांव पर लग जाएगी।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि उनके जीवन और अस्तित्व की लड़ाई है। क्रशर लगने से इलाके में भारी प्रदूषण, धूल और शोर की समस्या बढ़ेगी, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा।

 

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन रैयतों की जमीन पर क्रशर प्रस्तावित है, उन्हें खुद इसकी जानकारी तक नहीं थी। एक प्रभावित भूमि स्वामी ने बताया कि—

“मेरी जमीन पर सैकड़ों पेड़ काट दिए गए, दो दिन पहले जब ड्रिलिंग और सर्वे शुरू हुआ तब जाकर हमें पता चला कि यहां क्रशर लगाने की तैयारी चल रही है।”

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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