श्रीनाथ विश्वविद्यालय में पॉश अधिनियम पर कार्यशाला, पारुल सिंह ने दी कानूनी जानकारी

जमशेदपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “पॉश अधिनियम 2013 एवं कार्यस्थल नैतिकता” विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा, कानूनी प्रावधानों तथा नैतिक आचरण के प्रति जागरूक करना था।



कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (महिला प्रकोष्ठ) द्वारा किया गया। इसमें पॉश अधिनियम के प्रावधानों, यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत प्रक्रिया तथा कार्यस्थल पर पेशेवर व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर आदित्यपुर नगर निगम की उप नगर आयुक्त सुश्री पारुल सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने पॉश अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कार्यस्थल पर उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को जागरूक किया और सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान आंतरिक शिकायत समिति की कार्यप्रणाली तथा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
इस कार्यशाला में लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शिक्षक, प्रशासनिक कर्मचारी तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया तथा ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने की आवश्यकता जताई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम सुरक्षित, समावेशी और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। वहीं कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस. एन. सिंह ने कहा कि कानून और अधिकारों की समझ आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है।

