सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड स्थित टाँगरजोड़ा नीचे टोला में गहराया पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे ग्रामीण

राजनगर: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत टाँगरजोड़ा गांव के नीचे टोला में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पीने के पानी के लिए प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ रहा है। पानी भरने को लेकर महिलाओं के बीच कहासुनी और विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।


ग्रामीणों के अनुसार, नीचे टोला के लगभग 60 से 70 परिवारों की करीब 200 आबादी एकमात्र जलस्रोत पर निर्भर है। जलस्रोत से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को प्रतिदिन तड़के तीन बजे से ही पानी भरने के लिए नल के पास लंबी कतार लगानी पड़ती है, ताकि परिवार की जरूरतों के लिए थोड़ा-बहुत पानी मिल सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है, लेकिन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) तथा प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। विभागीय उदासीनता के कारण लोगों को आज भी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई परिवार मजबूरी में तालाब और अन्य असुरक्षित जलस्रोतों का पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अविलंब हस्तक्षेप कर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने, खराब पड़ी जलापूर्ति योजनाओं को चालू करने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। भीषण गर्मी के बीच टाँगरजोड़ा नीचे टोला के लोग आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

