आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू का 74वां जन्मदिवस मनाया गया

राजनगर: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत बीजाडीह पंचायत के रोला गांव में सोमवार को आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, दिशोम गोमके एवं पूर्व सांसद सालखन मुर्मू का 74वां जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संताली भाषा के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कलम एवं कॉपियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी सेंगेल अभियान केवल महापुरुषों की जयंती मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का कार्य कर रहा है। अभियान की ओर से आदिवासी समाज के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संताली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा बनाने, वर्ष 2027 की जनगणना में सरना धर्म कोड को मान्यता देने, मरांग बुरु को जैन समुदाय से आदिवासियों को वापस सौंपने तथा माझी-परगाना स्वशासन व्यवस्था में संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक सुधार लागू करने की मांग शामिल है।
वक्ताओं ने कहा कि कई सामाजिक संगठन आदिवासी महापुरुषों की जयंती केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित रखते हैं, जबकि आदिवासी सेंगेल अभियान इसे समाज के मुद्दों और अधिकारों को आगे बढ़ाने का माध्यम मानता है।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया सरना धर्म मोडवा के केंद्रीय अध्यक्ष सोनाराम सोरेन, झारखंड पोनोत परगना सुगनाथ हेंब्रम, जूनियर मुर्मू, राजनगर ब्लॉक परगना फागू मुर्मू, बिरसा हांसदा, अम्पा हेम्ब्रम, लालसिंह मुर्मू, जादू मार्डी, दुर्गाचरण टुडू, डोमन हांसदा, पोदम टुडू, शंखो टुडू, हड़िया टुडू, खेलाराम सोरेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं बच्चे उपस्थित थे।

