राजनगर के गोविंदपुर में ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में उमड़ी भारी भीड़, 150 लोगों का बना लर्निंग लाइसेंस

राजनगर- झारखंड सरकार के परिवहन विभाग की पहल पर शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर पंचायत भवन में विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राजनगर प्रखंड के लगभग 10 पंचायतों से बड़ी संख्या में पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया।


यह शिविर मुख्य रूप से उन लोगों के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने अब तक अपना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवाया था। हालांकि, शिविर के दौरान कई ग्रामीणों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अभ्यर्थियों को मौके पर पता चला कि पहले ऑनलाइन स्लॉट बुक करना अनिवार्य है। इसके बाद दोपहिया वाहन के लिए 250 रुपये तथा चारपहिया वाहन के लिए 500 रुपये का शुल्क जमा करना होता है। वहीं लर्निंग लाइसेंस बनने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सरायकेला जाकर ड्राइविंग टेस्ट देना होगा, जिसके लिए निर्धारित शुल्क भी देना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोगों को इन प्रक्रियाओं की पूर्व जानकारी नहीं होने से असुविधा हुई।
शिविर में पहुंचे कई लाभार्थियों ने मीडिया के माध्यम से जिला परिवहन विभाग से मांग की कि इस क्षेत्र में एक और विशेष शिविर आयोजित किया जाए, ताकि समयाभाव या जानकारी के अभाव में वंचित रह गए लोग भी सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठा सकें।
मौके पर मौजूद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक करना तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल कानूनी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार वाहन संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिविर समाप्त होने तक कुल 150 लाभार्थियों का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाया गया। कार्यक्रम में गोविंदपुर पंचायत के मुखिया सानोराम टुडू, झामुमो बुद्धिजीवी मंच के जिला अध्यक्ष दुर्गालाल मुर्मू सहित विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

