जाम्बनी गांव में रामकृष्ण कथामृत उत्सव का चतुर्थ दिवस संपन्न, “भगवान भक्त के हृदय में निवास करते हैं” — सुनील दे

राजनगर:- माताजी आश्रम, हाता के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय श्री रामकृष्ण कथामृत उत्सव के चतुर्थ दिवस का आयोजन शुक्रवार को राजनगर प्रखंड के जाम्बनी गांव स्थित राधा-गोविंद मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन पल्ली मंगल क्लब, जाम्बनी द्वारा किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6:30 बजे भगवान श्रीरामकृष्ण, माँ शारदा देवी एवं स्वामी विवेकानंद की विशेष पूजा तथा संध्या आरती के साथ हुआ। पूजा-अर्चना एवं आरती का विधिवत संचालन पंडित सुधांशु शेखर मिश्र ने किया।
स्वागत भाषण में सुनील कुमार दे ने कहा कि माताजी आश्रम द्वारा गांव-गांव में कथामृत उत्सव एवं सत्संग आयोजित करने का उद्देश्य लोगों के भीतर ईश्वर के प्रति श्रद्धा, भक्ति और मानव सेवा की भावना को जागृत करना है। साथ ही भगवान श्रीरामकृष्ण के उदार धार्मिक विचार, धार्मिक समरसता और मानव प्रेम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
इसके पश्चात शंकर चंद्र गोप ने महेंद्रनाथ गुप्त (एम.) के जीवन एवं उनके आध्यात्मिक योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता बादल मामा ने श्रीरामकृष्ण कथामृत का पाठ करते हुए कहा कि “भगवान न केवल मठ, मंदिर, जंगल या पर्वतों में रहते हैं, बल्कि सच्चे भक्त के हृदय में निवास करते हैं। भक्तों की रक्षा और मानवता का मार्गदर्शन करने के लिए वे प्रत्येक युग में अवतार धारण करते हैं। इस युग में उन्होंने श्रीरामकृष्ण के रूप में अवतार लिया।”
कार्यक्रम में माँ शारदा देवी एवं स्वामी विवेकानंद के जीवन, आदर्शों और उनके आध्यात्मिक संदेशों का भी विस्तार से वर्णन किया गया। इसके बाद भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर भास्कर दे, कमलकांति घोष, सुनील कुमार दे, तनुश्री मुकुल, शैलेन्द्र महतो तथा माताजी आश्रम की महिला श्रद्धालुओं ने भजन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में आनंद राम महतो, कृष्ण मंडल एवं पूजा महतो ने भी अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। समापन हरिनाम संकीर्तन, हरिलूट एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन विभीषण महतो ने किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन सुनील कुमार दे ने किया।
इस अवसर पर भास्कर दे, सावित्री गोप, कृष्णकांत मंडल, सनातन महतो, हिरण महतो, राजेश महतो, शंकर चंद्र गोप, अर्जुन मुड़ी, लखिन्दर महतो, रामकृष्ण सरदार, सुधीर सरदार, बीरेंद्र मंडल, अंजलि मंडल, बलराम गोप, सुजाता मरल, ब्रह्मपद मरल, सुधांशु शेखर मिश्र सहित विभिन्न गांवों से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

