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राजनगर के झलक गांव में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, संस्कृति और परंपरा संरक्षण का लिया संकल्प

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत झलक गांव में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान पारंपरिक संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में संयोजक सह संस्थापक उदय बांकिरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे अतिथियों और समाज के प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में अमूल्य बास्के, रमेश हांसदा, जय… बास्के, … मांझी, सुबोध मुर्मू, … हेम्ब्रम, शैलेन्द्र कालुंडिया, बिरसा कुड़िया, देव… मांझी, मीरा मांझी, प्रेम हांसदा, सुशील सोरेन और अमित सोरेन समेत कई लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा रमेश हांसदा, मंगल सोरेन, कुंदन मुर्मू, … हेम्ब्रम, योगेश … तथा सुरेश … सोरेन सहित अन्य अतिथियों और समाज के लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, भाषा, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी हुई है। आधुनिकता के दौर में विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, इतिहास और पारंपरिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया।

संयोजक सह संस्थापक उदय बांकिरा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों के प्रति जागरूक होने का अवसर भी है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, सामाजिक एकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी जीवन एवं परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और उपस्थित लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को आगे भी संरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ी को इससे जोड़ने का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन में सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और पारंपरिक पहचान का रंग देखने को मिला।

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