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राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के उत्थान को लेकर कलाकारों की महत्वपूर्ण बैठक

 

 

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनरुत्थान की मांग, चार प्रमुख बिंदुओं पर सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी

 

 

 

 

सरायकेला की पहचान और गौरव से जुड़ी छऊ कला के संरक्षण और कलाकारों के हितों को लेकर सरायकेला में कलाकारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। गुंडिचा मंदिर परिसर में सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनरुत्थान समेत कला और कलाकारों से जुड़े लंबित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बैठक में कलाकारों ने पूर्व में उपायुक्त द्वारा विभागीय निर्देश के आलोक में कार्रवाई के लिए चिन्हित चार प्रमुख बिंदुओं पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ठोस प्रस्ताव तैयार करने और उसे संबंधित विभाग एवं राज्य सरकार को जल्द भेजने की मांग की। इसको लेकर सभी कलाकारों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति जताई।

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कलाकारों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला को सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से चारों बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव राज्य सरकार को अग्रसारित करने का आग्रह किया जाएगा।

 

सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से छऊ कला और कलाकारों के उत्थान की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं और कई कार्य प्रक्रिया में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लंबित विषयों का भी जल्द समाधान होगा और राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के साथ कलाकारों के हित में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि कलाकार प्रशासन और सरकार के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

 

एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक चैत्र पर्व को भव्य स्वरूप देकर सरायकेला छऊ की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। राज्य सरकार भी कलाकारों के सम्मान, पेंशन, प्रशिक्षण और कला केंद्र के पुनरुत्थान की दिशा में पहल कर रही है। सामूहिक प्रयासों से सरायकेला छऊ की पहचान को और मजबूत किया जा सकता है।

 

बैठक में कलाकारों ने कहा कि सरायकेला छऊ महज एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। इस कला ने देश-दुनिया में सरायकेला को अलग पहचान दिलाई है। यहां के कई गुरु और कलाकार पद्म सम्मान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।

 

कलाकारों ने कहा कि सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को संस्थागत रूप से मजबूत करना, नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था करना और कलाकारों को उचित अवसर, सम्मान एवं आजीविका से जोड़ना जरूरी है।

 

बैठक में भोला महंती, मनोज कुमार चौधरी, गुरु तपन कुमार पटनायक, रंजीत आचार्य, रजेतेंदु रथ, गोपाल कुमार पटनायक, कामेश्वर भोल, गोपाबंधु तांती, गणेश परीक्षा, उदित प्रताप सिंहदेव, कुसमी पटनायक, मुन्ना महाराणा, सरोज कपाट, होली कुमार, बुद्धेश्वर कुमार, बेलाद सिंह, तरुण कुमार भोल, निवारण महतो, चंद्र नारायण महंती, काली प्रसन्न सारंगी, राजेश गोप, पटम मुखी, पारस नाथ पुथाल, प्रदीप कुमार बसा, राकेश महंती, दशरथ महतो, शिव चरण साहू, राजेश महंती, रविन्द्र मोदक, शिव हेस्सा, पंकज कुमार साहू सहित कई वरिष्ठ और युवा कलाकार मौजूद रहे।

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