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चांडिल-कांड्रा सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों का प्रेस कॉन्फ्रेंस, बड़े आंदोलन की चेतावनी

 

 

सांसद, विधायक और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप, कहा- नहीं मिला किसी का सहयोग

 

चांडिल: चांडिल-कांड्रा सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर बुधवार को बुद्धा एकेडमी स्कूल परिसर में ग्रामीणों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया।

 

ग्रामीणों ने कहा कि चांडिल-कांड्रा सड़क की खराब हालत किसी से छिपी नहीं है। सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

 

ग्रामीणों के अनुसार 17 अक्टूबर 2025 को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 24 नवंबर 2025 को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को भी मांग पत्र दिया गया। 12 दिसंबर 2025 को सड़क निर्माण की मांग को लेकर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं 30 मार्च 2026 को पथ निर्माण विभाग, परिवहन विभाग एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। 15 अप्रैल 2026 को लगभग 1500 महिला एवं पुरुषों की भागीदारी के साथ प्रखंड कार्यालय का घेराव भी किया गया था।

 

ग्रामीणों ने बताया कि 14 जून 2026 को सांसद से मुलाकात के लिए समय लिया गया था। सांसद द्वारा शाम 4 बजे मिलने का समय निर्धारित किया गया था। इसके लिए चांडिल गोलचक्कर में करीब 40 महिला एवं पुरुष एकत्रित हुए थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र की जनसमस्याओं के प्रति जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बताया।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि सड़क आंदोलन को अब तक न तो स्थानीय सांसद का सहयोग मिला, न विधायक का और न ही प्रशासन एवं पथ निर्माण विभाग की ओर से कोई संतोषजनक पहल हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुदिया पंचायत की मुखिया सुबोधनी महली, आशुदेव महतो, कृष्ण चंद्र महतो, ज्योतिलाल महली, तारापदो गोराई, कृष्ण चंद्र बेरा, हाराधन महतो, विष्णु महतो समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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