पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम का राज्य स्तरीय निरीक्षण, गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य करने के निर्देश

पूर्वी सिंहभूम जिले में क्रियान्वित मलेरिया छिड़काव एवं भी0बी0डी0 (Vector Borne Diseases) नियंत्रण कार्यक्रमों की समीक्षा एवं मूल्यांकन हेतु राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (भी0बी0डी0) डॉ0 बिरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राज्य स्तरीय दल ने दो दिवसीय दौरा किया।



दौरे के दौरान टीम ने सबसे पहले अनुमंडल अस्पताल घाटशिला तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरिया में चल रहे मलेरिया जांच एवं स्क्रीनिंग कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों की जांच प्रक्रिया, डीडीटी छिड़काव, एल0एल0आई0एन0 मच्छरदानी वितरण तथा संदिग्ध मरीजों की पहचान व्यवस्था का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के क्रम में टीम ने मौके पर मौजूद सीएचओ एवं सहिया से मलेरिया रोग के लक्षण, रोकथाम उपाय एवं फील्ड स्तर पर की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ0 बिरेन्द्र कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के साथ-साथ मलेरिया जांच को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में साप्ताहिक समीक्षा बैठक नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया।
जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी डॉ0 मृत्युंजय धाउड़िया ने जिले में चल रहे मलेरिया नियंत्रण अभियान की विस्तृत जानकारी राज्य स्तरीय टीम को दी। उन्होंने बताया कि जिले में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
इसके उपरांत राज्य स्तरीय टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय स्थित डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
टीम ने सदर अस्पताल के 100 बेडेड फेब्रिकेटेड वार्ड का भी निरीक्षण किया तथा लू से प्रभावित मरीजों के लिए बनाए गए हीट वेव वार्ड की सराहना की। अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।
इस समीक्षा बैठक में एसीएमओ डॉ0 अजय कुमार सिंह, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी डॉ0 मृत्युंजय धाउड़िया, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ0 असद, डॉ0 राजीव लोचन महतो, डीपीएम विजय कुमार, डीपीसी हकीम प्रधान, विभिन्न प्रखंडों के स्वास्थ्य अधिकारी, डब्ल्यूएचओ एवं पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय दल ने अंत में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।

