गम्हरिया थाना कांड में एसपी का बड़ा एक्शन, थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड; मामले में जेएलकेएम की सक्रिय भूमिका रही सराहनीय
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के गंभीर मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिस थाने में महिला अपने पति के साथ विवाद के बाद सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी थाना परिसर में तैनात वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पति से विवाद के बाद मदद मांगने थाना पहुंची थी महिला
प्रारंभिक जांच के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात महिला का अपने पति के साथ विवाद हुआ था। कथित मारपीट के बाद महिला घर से निकलकर मदद की गुहार लगा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस गश्ती दल उसे सरकारी वाहन से गम्हरिया थाना लेकर पहुंचा। रात अधिक होने के कारण महिला के ठहरने की व्यवस्था थाना परिसर में की गई थी।
जांच में सामने आया कि महिला को पहले पुलिस निरीक्षक के कार्यालय में रखा गया था। लेकिन सुबह करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच वह निर्धारित कमरे में नहीं मिली। तलाश के दौरान उसकी चप्पल वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के कमरे के बाहर दिखाई दी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खुलने पर महिला और वायरलेस ऑपरेटर को कमरे के अंदर देखने का दावा एक पुलिसकर्मी ने अपने बयान में किया है। बाद में महिला ने अपने साथ गलत होने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी गिरफ्तार, फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए कपड़े
महिला की लिखित शिकायत के आधार पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26, दिनांक 31 अक्टूबर 2026 दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कमरे से उसके पहने हुए कपड़े भी जब्त किए हैं। इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल रांची भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले की प्रारंभिक जांच में महिला की सुरक्षा और निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने व्यापक कार्रवाई की है। थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत कुल छह पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT गठित, हर पहलू की होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। टीम महिला को थाना लाए जाने से लेकर पूरे घटनाक्रम तक की समयावधि, पुलिसकर्मियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। अब जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
पूरे मामले में जेएलकेएम की सक्रियता रही काबिल-ए-तारीफ, नेताओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
इस पूरे प्रकरण में जेएलकेएम पार्टी के नेताओं की सक्रिय भूमिका भी विशेष रूप से देखने को मिली। पार्टी के नेताओं ने मामले को लेकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पीड़ित महिला के साथ खड़े नजर आए। महिला की मेडिकल जांच के दौरान सरायकेला सदर अस्पताल में पार्टी के कई नेता देर रात तक उसके परिजनों के साथ मौजूद रहे। इस दौरान नेताओं ने परिवार को सहयोग का भरोसा दिलाया और महिला को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
मौके पर सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी प्रेम मार्डी, ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो, कोल्हान अध्यक्ष नवीन महतो, जिला अध्यक्ष दीपक महतो, अनीता महतो समेत पार्टी के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। मेडिकल जांच की प्रक्रिया के दौरान देर रात तक अस्पताल में परिजनों के साथ उनकी मौजूदगी देखने को मिली। मामले में पार्टी नेताओं की सक्रिय भागीदारी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी रही।
अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें
फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है, थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं और एसआईटी पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस प्रकरण ने महिला सुरक्षा और पुलिस थानों की जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।


