असम चुनाव: हेमंत सोरेन को रोका गया, मोबाइल से की जनसभा

असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया, जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चाबुआ में निर्धारित सभा स्थल तक पहुँचने नहीं दिया गया। सुरक्षा के नाम पर रोके जाने के बावजूद, सोरेन ने हार नहीं मानी। उन्होंने सड़क किनारे एक खेत में खड़े होकर मोबाइल के माध्यम से लोगों को संबोधित किया और अपना संदेश पहुँचाया।


सोरेन ने कहा कि उन्हें असम के भाइयों-बहनों से मिलने से रोका गया, लेकिन विरोधियों की इस तरह की रणनीति उनकी आवाज़ को दबा नहीं सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव में लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, ताकि सच्चाई जनता तक न पहुंचे।
अपने संबोधन में सोरेन ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने असम के आदिवासी समुदाय को एसटी का अधिकार नहीं देने को एक बड़ा राष्ट्रीय अन्याय बताया। साथ ही चाय बागान श्रमिकों के लिए 500 रुपये दैनिक न्यूनतम मजदूरी को उनका वैध अधिकार कहा।
उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि जनता की एकजुटता ही उन ताकतों की हार साबित होगी जो वर्षों से उनका शोषण करती रही हैं।
अंत में उन्होंने ‘जय असम’ और ‘जय जोहार’ के नारे के साथ अपना संबोधन पूरा किया।

