चांडिल गोलचक्कर में एआईडीएसओ व एआईडीवाईओ की ओर से मर्यादापूर्वक मनाया गया ‘हुल दिवस’

आज ऐतिहासिक ‘हुल दिवस’ के अवसर पर छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) और युवा संगठन एआईडीवाईओ की ओर से चांडिल के गोलचक्कर में एक कार्यक्रम का आयोजन कर मर्यादापूर्वक हुल क्रांति के महानायकों को याद किया गया


व शहीद सिद्धो, कान्हू प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित छात्र संगठन एआईडीएसओ के जिला अध्यक्ष विशेश्वर महतो ने हुल क्रांति के ऐतिहासिक संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि:
> “30 जून 1855 को सिदो-कान्हू के नेतृत्व में जल, जंगल, जमीन और अस्मिता की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत और सूदखोरों के खिलाफ जो शंखनाद हुआ था, वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम की एक गौरवशाली नींव था। आज इस महान क्रांति के इतने वर्षों बाद भी हमारे गांवों और शहरों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी अधिकारों के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जल, जंगल और जमीन को बचाने के साथ-साथ आज हमारी शिक्षा और समाज को बचाने की चुनौती हमारे सामने है। वर्तमान समय में अमर शहीदों के विचारों को आत्मसात करना और इस शोषणकारी समाज के खिलाफ संघर्ष को तेज करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
कार्यक्रम को युवा संगठन एआईडीवाईओ के राज्य अध्यक्ष हाराधन महतो ने भी संबोधित किया
कार्यक्रम में एआईडीएसओ उपाध्यक्ष प्रभात कुमार महतो, जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक, कोषाध्यक्ष राजा प्रमाणिक, संयुक्त सचिव खुशी पोद्दार और सीमा हंसदा व साथ में सदस्य पूजा प्रमाणिक, पियाली , किसान ,पूर्णिमा परम एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।


