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अनियमित बिजली से 6 पंचायतों में हाहाकार, पेयजल संकट गहराया; आंदोलन की चेतावनी

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा और आसपास की छह पंचायतों के लोग पिछले एक सप्ताह से अनियमित बिजली आपूर्ति से गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 24 घंटे में केवल 6 से 7 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।सबसे अधिक परेशानी कांड्रा, डुमरा,हुदू ,बुरुड़ीह और रापचा पंचायत के लोगों को उठानी पड़ रही है। लगातार बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, कांड्रा पंचायत में पिछले चार दिनों से जल-नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति ठप है। इसका कारण इंटक वेल और स्वर्णरेखा नदी स्थित इंटक वेल के मोटरों का बंद होना बताया जा रहा है, जो बिजली नहीं मिलने के कारण संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से यह योजना केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।बारिश के मौसम में बिजली कटौती ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। रात के समय गांवों में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु निकलते हैं। अंधेरे के कारण लोगों में हमेशा किसी अनहोनी का डर बना रहता है। इसके अलावा बार-बार बिजली के आने-जाने से घरेलू कामकाज, पढ़ाई और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।इस संबंध में कांड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा ने कहा कि यदि बिजली विभाग का यही रवैया जारी रहा तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर बिजली विभाग के महाप्रबंधक (जीएम) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने विभाग से अविलंब बिजली आपूर्ति सामान्य करने और पेयजल संकट का समाधान करने की मांग की है।

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