कुकड़ू प्रखंड की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज, छह सूत्री मांगों पर धरना-प्रदर्शन
कुकड़ू : कुकड़ू प्रखंड की बुनियादी समस्याओं के समाधान और लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग को लेकर झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के बैनर तले मंगलवार, 13 अक्टूबर को कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद बीडीओ की अनुपस्थिति में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को राज्यपाल के नाम छह सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। आंदोलनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 14 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो ने प्रखंड की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित मांगें लंबित हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में सांकेतिक धरना आयोजित किया गया है। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने धरना-प्रदर्शन को नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि प्रखंड की बुनियादी समस्याओं के समाधान और ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग का समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने प्रशासन से जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की अपील की।


ये हैं छह सूत्री प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कुकड़ू प्रखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए जमीन चयन और निर्माण प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन एवं बिजली विभाग में आवश्यक पद सृजित कर अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की गई है। इसके अलावा चार पंचायतों को नीमडीह थाना क्षेत्र से जोड़ने के बजाय कुकड़ू थाना क्षेत्र में शामिल करने, विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति, किसानों को सब्जियों का उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड स्टोरेज एवं विद्युत सब स्टेशन का निर्माण तथा जेएसएलपीएस के अंतर्गत महिला समूहों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग उठाई गई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



