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Rajnagar: ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने पर संताली टैलेंट सर्च परीक्षा, 153 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा

राजनगर। ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को राजनगर स्थित आरसीएम पब्लिक स्कूल में संताली टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। सोशियो इकोनॉमी एंड रिसर्च सेंटर, रामगढ़ की ओर से आयोजित इस परीक्षा में राजनगर केंद्र पर 155 में से 153 परीक्षार्थी शामिल हुए।

 

परीक्षा के सफल आयोजन में परीक्षा नियंत्रक राजकुमार मार्डी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अनुसार परीक्षा दोनों केंद्रों पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। घाटशिला कॉलेज और राजनगर केंद्र को मिलाकर कुल 355 परीक्षार्थियों में से 348 ने परीक्षा दी।

 

राजकुमार मार्डी ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य संताल समाज के बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था से जोड़ना तथा ओलचिकी लिपि को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने की खुशी में इस तरह की प्रतिभा खोज परीक्षा अब प्रत्येक वर्ष आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।

संस्था के संस्थापक डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने बताया कि प्रतियोगिता के माध्यम से समाज के विद्यार्थियों को अपनी भाषा और लिपि के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

परीक्षा का परिणाम 10 सितंबर 2026 को घोषित किया जाएगा। वहीं सफल अभ्यर्थियों का सम्मान और पुरस्कार वितरण समारोह 13 सितंबर को राजनगर में आयोजित किया जाएगा।

 

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को एक-एक साइकिल, चौथे से दसवें स्थान तक स्टडी टेबल, 11वें से 15वें स्थान तक स्कूल बैग और 16वें से 20वें स्थान तक लंच बॉक्स पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

 

सम्मान समारोह में समाज के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा।

 

परीक्षा के दौरान वीक्षक के रूप में भुजंग टुडू, सत्य रंजन सोरेन, माझिया बास्के, हाराधन माण्डी, हरेन्द्र टुडू, सुधीर चन्द्र मुर्मू, पीताम्बर हांसदा, डुमका मुर्मू, विशाल मार्डी, निहाल प्रधान, चुनाराम सोरेन, चाम्पा मुर्मू, शाम्भु सोरेन और फुदान चंद्र मौजूद रहे।

 

वीक्षक भुजंग टुडू ने कहा कि शिक्षा के अभाव में समाज लंबे समय तक पीछे रहा, लेकिन इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों, युवाओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं।

 

वहीं, परीक्षा नियंत्रक राजकुमार मार्डी ने समाज के लोगों से 13 सितंबर को राजनगर में आयोजित होने वाले पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

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