बड़े वाहनों को रास्ता, छोटे पर कार्रवाई? तिरूलडीह में बालू खेल पर उठे सवाल

लोकेशन/ चांडिल


तिरूलडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू के कथित कारोबार को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तिरूलडीह-सिरकाडीह के ग्राम प्रधान सह पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू उर्फ माझी साव ने शनिवार को चौका स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता कर थाना प्रभारी पर बालू लदे हाइवा के कथित अवैध परिचालन को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दिन-रात बालू लदे हाइवा का परिचालन होता है और थाना प्रभारी स्वयं गश्ती के दौरान इन वाहनों को पार कराते हैं। वहीं, कार्रवाई का दबाव बढ़ने पर पीएम आवास या निजी निर्माण कार्य के लिए बालू ले जाने वाले ट्रैक्टरों को पकड़कर मामला दर्ज कर दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अवैध बालू परिवहन के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो बड़े वाहनों पर कार्रवाई क्यों नजर नहीं आती?
बंगाल सीमा तक पहुंच रहा बालू, फिर कार्रवाई कहां?
माझी साव ने दावा किया कि तिरूलडीह क्षेत्र से कथित रूप से बड़े पैमाने पर बालू बंगाल सीमा की ओर ले जाकर डंप किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर है, तो बालू माफिया के वाहनों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
20 लाख सीएफटी जब्त बालू पर भी उठाया सवाल
प्रेस वार्ता में उन्होंने पूर्व में खनन विभाग द्वारा जब्त करीब 20 लाख सीएफटी बालू का मामला भी उठाया। उनका दावा है कि जब्त बालू में से करीब एक लाख सीएफटी की नीलामी की गई थी, लेकिन इसी प्रक्रिया की आड़ में शेष करीब 20 लाख सीएफटी बालू भी कथित रूप से गायब कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद जांच नहीं की गई।
वरीय अधिकारियों से करेंगे शिकायत
पूर्व जिप उपाध्यक्ष ने कहा कि तिरूलडीह क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन तथा थाना प्रभारी की कथित भूमिका की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों और खनन विभाग से की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।


