दुर्गा पूजा और दशहरा को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने दिए निर्देश

सरायकेला: आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को सरायकेला समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वंगीआरी समेत जिले के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के अधिकारी, थाना प्रभारी और विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


बैठक में दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिमा विसर्जन, रावण दहन और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निभाने का निर्देश दिया। शहरी क्षेत्रों के अलावा शहर को जोड़ने वाले ग्रामीण मार्गों पर भी देर रात तक पुलिस गश्ती और भ्रमण सुनिश्चित करने को कहा गया।
सुरक्षित स्थान पर बनाए जाएं पूजा पंडाल
पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि पंडालों का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित स्थान पर किया जाए। पंडाल विद्युत तार, ट्रांसफॉर्मर, हाईटेंशन लाइन, गैस गोदाम या अन्य संवेदनशील स्थानों से पर्याप्त दूरी पर बनाए जाएं। ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल से बचने तथा पंडाल की मजबूती और सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करने को कहा गया।
पंडालों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था, पर्याप्त चौड़ाई वाले द्वार तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग रखने का निर्देश दिया गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
इसके अलावा पर्याप्त प्रकाश, पेयजल, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार और अन्य जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पंडाल एवं आसपास ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण नहीं करने तथा अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू की व्यवस्था रखने को कहा गया।
विद्युत और अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
पूजा पंडालों में विद्युत वायरिंग सुरक्षित तरीके से कराने और समुचित अर्थिंग की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया। विद्युत सजावट एवं अस्थायी कनेक्शन संबंधित विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने को कहा गया।
प्रशासन ने विद्युत नियंत्रण कक्ष को ऐसी जगह स्थापित करने का निर्देश दिया, जहां आपात स्थिति में विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें। अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र भी समय पर प्राप्त करने को कहा गया।
पंडालों में चिकित्सा और अग्निशमन व्यवस्था
उपायुक्त ने प्रमुख पूजा पंडालों में आवश्यकतानुसार चिकित्सा दल, अग्निशमन व्यवस्था और एम्बुलेंस उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। पर्व के दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित व्यवस्था बनाए रखने तथा एम्बुलेंस को सक्रिय मोड में रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विसर्जन घाटों पर रहेंगी जरूरी सुविधाएं
प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित घाटों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने का निर्देश दिया गया। घाटों पर समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति के साथ चिकित्सा दल और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रतिमाओं और विसर्जन सामग्री के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार हाइड्रा एवं अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। पूजा समितियों को प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय, मार्ग और विसर्जन स्थल का ही उपयोग करने को कहा गया।
रावण दहन में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासन ने सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। दर्शकों और रावण दहन स्थल के बीच पर्याप्त सुरक्षित दूरी, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। अनधिकृत पार्किंग और आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
आवश्यकतानुसार मुख्य बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों पर नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा बड़े और वाणिज्यिक वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
रात 10 बजे के बाद DJ पर रोक
बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों और सक्षम प्राधिकारी एवं न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया। रात 10 बजे के बाद DJ अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र से किसी भी प्रकार का गाना या अन्य ध्वनि प्रसारण नहीं किया जाएगा।
इस व्यवस्था का अनुपालन थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुनिश्चित करेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब और नशे पर रहेगी निगरानी
पर्व के दौरान अवैध शराब की बिक्री और परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ड्राई-डे के दौरान निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और अन्य नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर भी विशेष निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
CCTV और सोशल मीडिया पर निगरानी
प्रमुख पूजा पंडालों में CCTV कैमरे लगाने और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यकता के अनुसार CCTV लगाने को कहा गया।
प्रशासन ने सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भ्रामक, अफवाहजनक या सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की। ऐसी किसी सामग्री की जानकारी तत्काल प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया।
पूजा समितियों ने रखे सुझाव
बैठक में पूजा समिति एवं शांति समिति के सदस्यों से जनसुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव मांगे गए। प्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण एवं मरम्मत, साफ-सफाई, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, झूलते विद्युत तारों एवं खंभों की मरम्मत, विसर्जन घाटों पर हाइड्रा की व्यवस्था और घाटों के समतलीकरण समेत कई सुझाव रखे।
उपायुक्त ने प्राप्त सुझावों पर संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने और पर्व से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की अपील की
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध बनाए रखने, एम्बुलेंस को सक्रिय रखने और प्रमुख पूजा स्थलों पर चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वंगीआरी ने कहा कि पर्व के दौरान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शांति-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के पूजा पंडालों, पार्किंग स्थलों और यातायात व्यवस्था का पहले से निरीक्षण करने तथा पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियां पूरी कराने का निर्देश दिया।
पूजा समितियों से अपने स्तर पर नियुक्त स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने और स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र देने को कहा गया, ताकि भीड़ प्रबंधन में उनका सहयोग लिया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने पर्व के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के अंत में पूजा समिति एवं शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन एवं पुलिस को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों, शांति समिति के सदस्यों और आम लोगों से अपील की कि सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और जनसुविधाओं से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करें और पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग दें।


