विश्व होम्योपैथी दिवस आज, जनक डॉ. सैमुअल हैनिमन की 271वीं जयंती पर विविध कार्यक्रम

जमशेदपुर, 10 अप्रैल


आज विश्वभर में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमन की 271वीं जयंती को समर्पित है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की खोज वर्ष 1796 में डॉ. हैनिमन ने की थी। उनका जन्म 10 अप्रैल 1755 को जर्मनी में हुआ था, और तभी से हर वर्ष इस तिथि को उनकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि विश्व होम्योपैथी दिवस पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में होम्योपैथी के महत्व और इसकी आधुनिक प्रासंगिकता को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिवस सुरक्षित और समग्र उपचार की दिशा में जागरूकता फैलाने का कार्य करता है।
इस वर्ष विश्व होम्योपैथी दिवस की थीम है—
“बदलती दुनिया में समग्र स्वास्थ्य सेवा की पुनर्कल्पना”
(“Reimagining Holistic Healthcare in a Changing World”)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि होम्योपैथी एक सुरक्षित और प्रभावी पद्धति के रूप में विश्वभर में लोकप्रिय हो रही है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में होम्योपैथिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना और सुरक्षित उपचार पद्धति की महत्ता को रेखांकित करना है।
वर्षों से उपचार की उन्नत जरूरतों ने चिकित्सा जगत को नई पद्धतियों की खोज के लिए प्रेरित किया है। इन्हीं खोजों में से एक होम्योपैथी है, जो आज भी कई बीमारियों के समग्र और दीर्घकालिक उपचार के लिए बड़ी भूमिका निभा रही है।

