विश्व आदिवासी दिवस पर सांसद जोबा माझी का संदेश—जल, जंगल, जमीन, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट हों आदिवासी समाज

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने अपने संसदीय क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर आदिवासी समाज को अपनी जल-जंगल-जमीन, भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।


इसी क्रम में राजनगर में वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सांसद जोबा माझी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय ने सदियों से शोषण और अत्याचार का सामना किया है। आदिवासियों के अधिकारों और उनकी विशिष्ट पहचान को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने काफी विचार-विमर्श के बाद 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में घोषित किया।
सांसद जोबा माझी ने कहा कि आज के दौर में आदिवासी समाज को शिक्षा, रोजगार और विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है। समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले और युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और पहचान को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए आदिवासी समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सांसद ने आदिवासी समाज से एकजुटता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विश्व आदिवासी दिवस सिर्फ उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, अधिकार, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लेने का भी दिन है। सांसद जोबा माझी ने आदिवासी समाज से इसी एकजुटता और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

