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आठ महीने से पेंशन का इंतजार, हेंसल के बुजुर्ग और दिव्यांगों की सरकार से गुहार

 

 

बैंक के चक्कर काटकर लौट रहे जरूरतमंद, बोले- पेंशन ही सहारा, अब किसके सामने रखें फरियाद?

 

राजनगर:- राजनगर प्रखंड के हेंसल क्षेत्र में पिछले करीब आठ महीने से पेंशन की राशि नहीं मिलने का मामला सामने आया है। पेंशन पर निर्भर बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असहाय लोगों में इसे लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को कई लाभुकों ने मीडिया के माध्यम से सरकार एवं प्रशासन से अपनी लंबित पेंशन राशि का भुगतान जल्द कराने की गुहार लगाई।

 

लाभुकों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से नियमित रूप से पेंशन मिलती रही है, लेकिन पिछले करीब आठ महीनों से उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं पहुंची है। प्रत्येक माह पेंशन आने की उम्मीद में वे बैंक का चक्कर लगाते हैं, लेकिन खाते में राशि नहीं मिलने पर निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। उनका कहना है कि यह सिलसिला लगातार कई महीनों से जारी है।

 

‘हम प्रखंड-अंचल के चक्कर लगाने में भी असमर्थ’

 

बुजुर्ग एवं दिव्यांग लाभुकों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण बार-बार प्रखंड और अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना उनके लिए आसान नहीं है। पेंशन की छोटी सी राशि ही उनके रोजमर्रा के खर्च में बड़ा सहारा बनती है। ऐसे में आठ महीने तक राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।

 

लाभुकों का कहना है कि पेंशन की राशि भले ही सीमित हो, लेकिन जरूरतमंदों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। इसी राशि से दवा, भोजन और रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है।

 

कुछ लाभुकों ने सरकार की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब जरूरतमंद महिलाओं को अन्य योजनाओं के तहत नियमित सहायता राशि मिल रही है, तो बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है। उनका कहना है कि वे किसी योजना का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपनी लंबित पेंशन का भुगतान और भविष्य में नियमित राशि मिलने की मांग कर रहे हैं।

 

हेंसल ही नहीं, कई गांवों में ऐसी शिकायत का दावा

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, समस्या केवल हेंसल तक सीमित नहीं है। जिले के अन्य गांवों से भी बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय पेंशन लाभुकों को लंबे समय से राशि नहीं मिलने की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।

 

सरकार और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग

 

पेंशन लाभुकों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित पेंशन राशि का भुगतान कराने तथा भविष्य में पेंशन नियमित रूप से उनके बैंक खातों में भेजने की मांग की है।

 

बुजुर्ग लाभुकों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि उम्र के इस पड़ाव में वे अपनी समस्याओं को लेकर लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उनका कहना है कि प्रशासन स्वयं मामले की जांच कर यह पता लगाए कि पेंशन भुगतान में रुकावट कहां है और उसका तत्काल समाधान किया जाए।

 

लाभुकों ने कहा, “हमारी जिंदगी का यह समय आराम और सहारे का है। सरकार से हमें किसी बड़ी मदद की उम्मीद नहीं, बस हमारा हक और हमारी पेंशन समय पर मिल जाए, ताकि बची हुई जिंदगी कुछ राहत के साथ गुजर सके।”

 

अब देखना होगा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और असहाय पेंशन लाभुकों की इस समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और लंबित पेंशन भुगतान को लेकर क्या कदम उठाता है।

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Deepak Mahato

दीपक महतो – संस्थापक, छोटानागपुर लाइव   दीपक कुमार महतो पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने न्यूज़ 11 सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार पत्रों में काम किया है।   वर्तमान में वे छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live) के संस्थापक हैं। इसके माध्यम से वे झारखंड की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यपरक और विश्वसनीय समाचारों के माध्यम से आम जनता की आवाज को जन-जन तक पहुंचाना है।   वर्तमान पद: संस्थापक, छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live)   अनुभव: 8 वर्ष | प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनि क मीडिया