भवन निर्माण विभाग में घूसखोरी का आरोप, जांच की मांग
चाईबासा: चाईबासा भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को 70 हजार रुपये घूस लेते हुए एसीबी द्वारा पकड़े जाने के मामले पर भाजपा पिछड़ा जाति मोर्चा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश मंत्री हेमंत कुमार केशरी ने कहा कि इस घटना से स्पष्ट होता है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में बिना कमीशन दिए कोई काम नहीं होता, खासकर विकास कार्यों में।


उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनियरिंग विभागों में एमबी बुक करने के नाम पर तय प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। बताया गया कि ठेकेदार रितेश चिरानिया से अलग से 70 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिससे परेशान होकर उन्होंने एसीबी की शरण ली और कार्यपालक अभियंता को रंगे हाथों पकड़वाया। इसके लिए रितेश चिरानिया की सराहना की गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि भवन निर्माण विभाग में प्राक्कलन घोटाला बड़े पैमाने पर चल रहा है। विशेष योजनाओं में प्राक्कलन राशि 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक बनाई जाती है, जिसमें कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। यदि विभागीय योजनाओं की गहन जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई योजनाओं का कार्य पहले ही करा लिया जाता है और बाद में केवल भुगतान के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जाती है। जिले में यह चर्चा आम है कि एक ही काम को अलग-अलग नाम से दिखाकर योजनाएं चलाई जा रही हैं। यदि योजनाओं की गूगल मैपिंग कराई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।
इसके अलावा पीएम श्री विद्यालयों में हुई गड़बड़ियों का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसकी शिकायत उपायुक्त को दी गई थी, जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है और रिपोर्ट रांची भेजी गई है। अब देखना है कि इस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

